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इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना: राजस्थान में 9 सितंबर से होगी शुरुआत, पढ़ें कैसे मिलेगा काम

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हाइलाइट्स

योजना के तहत 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा
जॉब कार्डधारी परिवार के 18 से 60 वर्ष की आयु के सभी सदस्य पात्र होंगे

जयपुर. राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) की शहरी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाने वाली इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना (Indira Gandhi Urban Employment Guarantee Scheme ) की शुरुआत आगामी 9 सितंबर को की जायेगी. 800 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना में अब तक 2 लाख से अधिक जॉब कार्ड जारी किए जा चुके हैं. देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के लिए यूपीए सरकार के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना यानि मनरेगा को शुरू किया गया था. उसी तर्ज पर राजस्थान में गहलोत सरकार शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार गारंटी योजना शुरू करने जा रही है.

इस योजना को पिछले बजट में घोषित किया गया था. इसमें कुल पंजीकृत सदस्यों की कुल संख्या 3 लाख 18 हजार से अधिक है. जयपुर हैरिटेज नगर निगम में 3765 और ग्रेटर नगर निगम में 1451 जॉब कार्ड तैयार किए गए हैं. सभी निकायों में 9 हजार 500 से ज्यादा कार्य चिन्हित किए गए हैं. सभी नगरीय निकायों में इसके लिये बजट का आवंटन किया गया है. चिन्हित किए गए काम-काज की राशि करीब 658 करोड़ रुपये है. लगभग 6 हजार कार्यों के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं.

सालाना 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा

योजना के तहत शहरी क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों को आजीविका अर्जन के लिए सालाना 100 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा. इस योजना के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 800 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है. इसके क्रियान्वयन का जिम्मा स्थानीय निकायों को दिया गया है. योजना में जॉब कार्डधारी परिवार के 18 से 60 वर्ष की आयु के सभी सदस्य पात्र होंगे. बशर्तें उनका रजिस्ट्रेशन जनआधार कार्ड में होना चाहिये. आवेदन के बाद 15 दिन में रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है.

भुगतान सीधे जॉब कार्डधारी के खाते में जाएगा

पारिश्रमिक का भुगतान सीधे जॉब कार्डधारी के खाते में जाएगा. योजना के लिए हाल ही में 2561 विभिन्न पदों पर संविदा के आधार पर भर्ती प्रक्रिया की जा रही है. योजना के लिये सभी निकायों के संबंधित कार्मिकों और ई-मित्र संचालकों का प्रशिक्षण भी दिया गया है. योजना में श्रम और सामग्री का अनुपात निकाय स्तर पर 75:25 में निर्धारित किया गया है. खास तरह के तकनीकी कार्यों में निर्माण सामग्री लागत तथा तकनीकी विशेषज्ञों एवं कुशल श्रमिकों के लिये पारिश्रमिक का भुगतान का अनुपात 25:75 हो सकेगा.

योजना के तहत ये कार्य कराये जा सकेंगे

योजना के तहत पर्यावरण सरंक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता एवं सेनिटेशन, संपत्ति विरुपण रोकना, सेवा संबंधी कार्य, कन्वर्जेशन कार्य, हैरिटेज सरंक्षण सहित अन्य कार्य कराए जा सकेंगे. राज्य सरकार का प्रयास है कि कोविड-19 महामारी के दौरान रोजगार छिनने से जो परिवार कमजोर और असहाय हो गए हैं उन्हें भी इस योजना से बड़ा संबल मिले.

Tags: Ashok Gehlot Government, Employment News, Jaipur news, Rajasthan news

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