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एमपी: राज्यपाल ने डॉक्टरों को दी सलाह, कहा- दवा लिखने से पहले मरीजों को अच्छे से सुनें

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जबलपुर. मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने डॉक्टरों को सलाह दी है कि वे अपने मरीज की बात अच्छे से सुनें और फिर परामर्श दें तो ज्यादा बेहतर होगा. राज्यपाल शनिवार को मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर उन्होंने सैकड़ों छात्रों को डिग्री और मैडल प्रदान किए. उन्होंने सभी छात्रों को समाज सेवा में बेहतर से बेहतर काम करने की बात कही. दीक्षांत समारोह में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने ऐलान किया कि अगले महीने से चिकित्सा शिक्षा हिंदी में होगी. ऐसा करने वाला मध्य प्रदेश देश में सबसे पहला राज्य होगा.

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की इकलौती और पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह मानस भवन सभा गृह में आयोजित किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यपाल मंजू भाई पटेल थे. उन्होंने समारोह में डिग्री और मेडल लेने वाली छात्राओं की ज्यादा संख्या पर भी खुशी जाहिर की. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा अब वक्त ‘बेटी बचाओ नहीं, बल्कि बेटा बचाओ’ अभियान शुरू करने का है. मध्य प्रदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों पर राज्यपाल ने कहा प्रदेश में यह पहला मौका था जब 8500 प्रोविजनल सर्टिफिकेट और 4600 माइग्रेशन सर्टिफिकेट छात्र-छात्राओं को घर बैठे उपलब्ध कराए गए.

इन घटनाओं का किया जिक्र
कोरोना काल के भीषण दौर का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने एक ओर जहां चिकित्सकीय सेवा की तारीफ की, वहीं उन घटनाओं पर चिंता जाहिर की जिसमें समाज शर्मसार हुआ. डुप्लीकेट वैक्सीन से लेकर आपदा को अवसर बनाने वाली तमाम घटनाओं का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने आह्वान किया कि छात्र-छात्राएं बतौर चिकित्सक समाज में जा रहे हैं. वह ऐसे कामों को रोकेंगे और बेहतर समाज विकसित करने की दिशा में अपनी योगदान देंगे.

बच्चों के खानपान पर फोकस
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने देश की युवा पीढ़ी और विशेष तौर पर बच्चों में खानपान को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बच्चे अगर स्वदेशी भोजन पर ज्यादा फोकस करेंगे तो न केवल वह स्वस्थ रहेंगे बल्कि आने वाला भविष्य भी सुरक्षित रहेगा.  क्योंकि आज के दौर में बच्चे नाश्ते में पिज्जा और कोल्ड ड्रिंक पसंद करने लगे हैं. जबकि, ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने डॉक्टरों से ये भी कहा कि मरीजों के प्रति चिकित्सकों की जवाबदेही तय की जाए. उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर मरीज को पहले बेहतर ढंग से सुन ले और उनकी बातों को समझ ले, तो आधी बीमारी उस परामर्श में ही दूर हो जाएगी. उसके बाद चाहे तो डॉक्टर दवा लिख दे.

Tags: Jabalpur news, Mp news

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