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छत्तीसगढ़ मं जउन मन आगे, बसगे, रहिके खपत हें, पचत हे, तउन सबो झन केहे लगे हें- मैं छत्तीसगढिय़ां हौं. झोरफा के झोरफा, दर-दर ले बरतिया मन असन, बतरकिरी मन असन झपाय परत हें. अइसन काबर होवत हे? सब छत्तीसगढिय़ा मॉडल के कमाल हे ते कोनो अउ दूसर कारन हे? कारन ला जाने अउ समझे ले परही, बिन जाने, बिन समझे कोन अपन मुंह ला ओखली में दिही!
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