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जयपुर हैरिटेज नगर निगम पर करोड़ों का कर्जा, बेड़ा पार लगाएंगे ‘ऋणहर्ता’ गणेशजी, पढ़ें पूरी कहानी

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हाइलाइट्स

जयपुर हैरिटेज नगर निगम पर है करीब 165 करोड़ रुपये का कर्जा
कर्जे से दुखी हैरिटेज नगर निगम ने अब भगवान गणपति की शरण ली है

जयपुर. कर्जे में डूबा जयपुर हैरिटेज नगर निगम अब गणपति बप्पा (Ganpati Bappa) की शरण में हैं. निगम के विकास में उसकी देनदारियां कोई रोड़ा नहीं बने इसलिए गजानंद की यहां भक्ति की जा रही है. नगर निगम हैरिटेज (Jaipur Heritage Municipal Corporation) में स्थापित गणेश जी का नामकरण भी ‘ऋणहर्ता’ गणेश किया गया है. यहां जयपुर हैरिटेज निगम की महापौर ने आराध्य को नमन कर उनसे निगम के कर्जे से मुक्ति और तरक्की की प्रार्थना की है. निगम महापौर मुनेश गुर्जर की मानें तो निगम की आय बहुत कम है और खर्चे ज्यादा हैं. इस वजह से निगम पर शुरू से ही कर्जे रहे हैं. कर्जे के कारण निगम की आर्थिक सेहत पटरी पर नहीं आ पा रही है.

कहते हैं ईश्चर के कई नाम हैं और भक्त भी उन्हें अपनी-अपनी श्रद्धा से पुकारते हैं. जयपुर शहर में भी कई जगहों पर महादेव और गणपति को कोई क्षेत्र के नाम से जानते हैं तो कई अन्य नामों से. लेकिन जयपुर नगर निगम हैरिटेज में स्थापित भगवान गणपति का हाल ही में अनूठा नामकरण किया गया है. यहां स्थापित गणेश जी को निगम ने ‘ऋणहर्ता’ भगवान गणेश का नाम दिया है. गणेश चतुर्थी से पूर्व नगर निगम हैरिटेज में जब प्रथम पूज्य विनायक की भक्ति आराधना की जा रही थी तब भगवान गणेश का यह नाम चर्चा का विषय बना रहा.

गणपति प्रतिमा पर 51 किलो दूध से अभिषेक किया गया
गणेश चतुर्थी से पूर्व मंगलवार को निगम में गणपति प्रतिमा पर 51 किलो दूध से अभिषेक किया गया. इसका प्रसाद लोगों में वितरित किया गया. यहां विधि-विधान से भगवान की पूजा अर्चना की गई और ‘ऋणहर्ता’ गणपति की जयकारे गूंजे. हैरिटेज महापौर मुनेश गुर्जर ने यहां भगवान गणपति पर दुग्धाभिषेक कर उनसे निगम के विकास की प्रार्थना की. उनसे जब यहां भगवान गणपति के लिए ‘ऋणहर्ता’ नामकरण करने का कारण पूछा तो उनका कहना था कि निगम पर शुरू से ही कर्जे रहे हैं. इसलिए वे भगवान गणपति से यहीं प्रार्थना कर रही है कि निगम को कर्जे से उबारें. निगम में और शहर में शांति समृद्धि हो. हालांकि उनका कहना था कि नामकरण उन्होंने नहीं बल्कि यहां के पुजारी ने किया है. हालांकि महापौर का कहना है कि गणपति से आराधाना के साथ ही हम निगम की आर्थिक दशा सुधारने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. अब आय बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है.

हैरिटेज निगम पर इतना है कर्जा
– हुडको से लोन के 25 करोड़
– ठेकेदारों की देनदारी 80 करोड़ (जनवरी 2021 से बकाया)
– कर्मचारियों का एरियर 40 करोड़ (2020 और 2021 का बकाया)
– रिटायर्ड कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और पीएल 15 करोड़
– अन्य भत्ते करीब 5 करोड़

Tags: Jaipur nagar nigam, Jaipur news, Lord ganapati, Rajasthan news

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