तलाक लेकर दूसरी शादी करने पर जातीय पंच नाराज, समाज से बहिष्कृत कर लगाया 1 लाख का अर्थदंड

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बाड़मेर. सरहदी बाड़मेर में एक बार फिर जातीय पंचों का तुगलकी फरमान सामने आया है. तलाक लेकर दूसरी शादी करने से नाराज जातीय पंचों ने एक लाख रुपये का अर्थदंड सुनाते हुए समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद करने का फरमान सुनाया है. पीड़ित गणपतराम के मुताबिक उनकी बहन का तलाक न्यायालय के आदेश पर हुआ है. उसके बाद ही बहन का दूसरा विवाह करवाया गया है लेकिन समाज को यह नागवार गुजरा और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद कर दिया है. पीड़ित परिवार ने जातीय पंचों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

जानकारी के मुताबिक, मूलतः बाड़मेर के इंदिरा कॉलोनी निवासी गणपत राम पुत्र मदनलाल लखारा ने बालोतरा थाने में मामला दर्ज करवाया है कि उसकी बहन बसंती का पूर्व में बाड़मेर निवासी अशोक कुमार के साथ विवाह हुआ था. आपस में पति-पत्नी का विवाहित जीवन सही नहीं चलने से उसने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई. कोर्ट के फैसले के बाद बोरुंदा निवासी प्रवीण कुमार के साथ दूसरी शादी कर ली. यह बात समाज से समाज के जातीय पंचों को नागवार गुजरी और 14 जुलाई को बालोतरा के घांची समाज भवन में लखारा समाज की आयोजित बैठक में पंच एवं शरीरिक शिक्षक ओमप्रकाश पुत्र अर्जून राम, जोगाराम पुत्र हरचंद राम, राणा राम जेरुपाराम सहित अन्य जातीय पंचों ने न्यायालय के आदेश को धता बताते हुए पीड़ित परिवार वालों को 1 लाख रुपये का अर्थदंड लगा दिया. इतना ही नहीं, हुक्का-पानी बंद कर समाज से बहिष्कृत कर दिया. जातीय पंचों का कहना है कि उन्हें समाज में रहना है और जाजम पर बैठना है तो 1 लाख रुपये का अर्थदण्ड जमा करना होगा.

पीड़ित गणपतराम के मुताबिक उनकी बहन का तलाक न्यायालय के आदेश पर हुआ है जिसके बाद ही उसकी बहन का दूसरा विवाह करवाया गया. यह बात समाज को नागवार गुजरी और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का पानी बंद कर दिया है. उन्होंने जातीय पंचों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

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