राजस्थान में उफनते सैलाब में डूबे 7 गांव, 1 हजार से ज्यादा लोग फंसे, 200 से अधिक मकान पानी में बहे

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बूंदी. राजस्थान के बूंदी में बाढ़ बारिश का कहर जारी है. यहां लाखेरी उपखण्ड के चाणदा, मालियों की बाड़ी, कांकरा मेज, बसवाड़ा, पाली, खाखटा सहित 7 गांव मेज नदी के कहर के चपेट में हैं. ऐसे में प्रशासन ने गांव के लोगों का रेस्क्यू करने के लिए सेना की मदद ली है. सेना की एक टुकड़ी व एसडीआरएफ दो कंपनियां व स्थानीय सिविल डिफेंस की टीमें गांव में रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य कर रही हैं. इस दौरान प्रभावित क्षेत्र के हालात जानने पहुचे कांग्रेसी नेता राकेश बोयत ने बताया कि क्षेत्र के 7 गांवों में 1000 से अधिक लोग फंसे हुए हैं.

400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला

जिनमें से करीब 400 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. उधर जिला कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी प्रशासनिक अमले के साथ इन गांव में मौजूद हैं और लोगों को रेस्क्यू कर नाव में बैठाया जा रहा है. गांव में लोगों के घरों में कीमती सामग्री होने की वजह से लोग घरों को छोड़ने के लिए प्रशासन से मना कर रहे हैं. ऐसे में प्रशासन गांव में लोगों से शिफ्ट करने के लिए कड़ी मशक्कत करने के साथ ही शिफ्ट करवा रहे हैं. बाढ़ और बारिश का पानी इस कदर है कि इन गांवों में कई मकान पूरी तरह से डूब चुके हैं तो कई मकान जमींदोज हो गए हैं. करीब 200 से अधिक कच्चे मकान टूट गए हैं. प्रशासन ने परिवारों को रेस्क्यू करने के बाद अस्थाई रैन बसेरे में रुकवाया है.

चंबल समेत कई नदियां उफान पर 

लगातार बारिश होने के चलते बारिश का पानी चंबल नदी में उफान रहा है. कोटा बैराज के सभी गेटों को खोलकर से 6 लाख से अधिक क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है. ऐसे में चंबल नदी उफनते सैलाब से जिले के केशोरायपाटन उपखण्ड के हाल भी बेहाल हो गए हैं. यहां केशोरायपाटन शहर के कुछ बस्तियों में पानी घुस गया है. जबकि इसी क्षेत्र के रोटेदा, घाट का बराना गांव में भी पानी घुस जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.

प्रशासन ने लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. वहीं जिले की मेज नदी भी उफान पर है. यहां गुढा बांध के सभी गेट खोले जाने के चलते यह नदी चंबल नदी में जाकर मिल रही है. ऐसे में दोनों नदी का समागम मिलने से मेज नदी अपने रूद्र ऊपर बह रही है. ऐसे में जिले के लाखेरी उपखंड के आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

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