[ad_1]
बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के राजपुर के बस स्टैंड में देवलखन गुप्ता नाम के शख्स लगभग 30 वर्षों से चना बेचने का काम करते हैं. चना बेचने वाले देवलखन ने पूरे जिले में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. कम पढ़े लिखे होने के बावजूद भी फर्राटेदार अंग्रेजी इनकी एक अलग पहचान बन गई है. फर्राटेदार अंग्रेजी इनके आजीविका का प्रमुख साधन भी बन गया है. देवलखन ने बताया कि उनकी पढ़ाई कक्षा दसवीं तक हिंदी मीडिया स्कूल में हुई है. शुरुआती दौर में टूटी फूटी अंग्रेजी बोल लेता था.
देवलखन के मुताबिक टूटी-फूटी अंग्रेजी को फर्राटेदार में बदलने का श्रेय दोस्तों को जाता है. दोस्तों ने उनकी टूटी फूटी अंग्रेजी को देखते हुए मदद की. धीरे-धीरे देवलखन की अंग्रेजी भाषा में पकड़ मजबूत हो गई. अब खुलकर फर्राटेदार अंग्रेजी बोलना सीख गया. जो अब आजीविका का प्रमुख साधन भी अब बन चुका है. देवलखन के दोस्तों के मुताबिक देव ने साबित किया है कि यदि कोई कुछ सिखने या करने का ठान ले और इमानदारी और लगन से काम करे तो उसे सफलता जरूर मिलेगी.
देवलखन की स्टाइल लोगों को करती आकर्षित
देवलखन गुप्ता ठेले पर चना बेचते हैं. अपने ठेले पर माइक और लाउडस्पीकर लगाकर अपने ठेले के चने की क्वालिटी बताते हैं. इनके बोलने का अंदाज राजपुर में काफी चर्चित हो गया है. इसके चलते लोग यहां रूककर देवलखन के ठेले का चना जरूर खाते हैं. देवलखन गुप्ता अपनी आवाज और बातों से बस स्टैंड में आने-जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को बहुत आकर्षित करते हैं और साथ ही लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचते हैं. उनके चना बेचने के इस स्टाइल के लोग मुरीद हैं. हर कोई उनकी इस टशन पर फिदा है. लोग बड़ी संख्या में अब उनके ठेले पर पहुंचने लगे हैं. इससे उनकी आय भी बढ़ी है. साथ ही उन्हें जिले सहित पूरे प्रदेश में अलग पहचान भी मिली है.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |
FIRST PUBLISHED : July 22, 2022, 10:46 IST
[ad_2]
Source link