झमाझम बारिश ने बाजरे की फसल को दिया नया जीवन, आर्थिक और चारा संकट से बचे किसान! 

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ललितेश कुशवाहा/भरतपुर. राजस्थान के कई जिलों में तेज बारिश ने जीवन अस्त व्यस्त कर रखा है. वहीं बात की जाए भरतपुर की तो औसतन बारिश नहीं होने के कारण खेतों में लहराती बाजरे की फसल पर संकट मडरा रहा था. संकट को देख किसानों के चेहरो पर चिंता की लखीरे साफ दिखाई दे रही थी, लेकिन बीते सोमवार की रात इंद्र भगवान मेहरबान हो गए. झमाझम बारिश ने किसानों की चिंताओं को कम कर दिया. अगर बारिश समय पर नहीं होती तो किसानों पर आर्थिक मार तो पड़ती साथ ही पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो जाता.

किसान कुंवर सिंह ततामड ने बताया कि एक दो दिन पहले हुई बारिश बाजरे की फसल के लिए अमृत समान है. झमाझम बारिश से किसान खुश हैं. दो दिन पहले किसानों को लग रहा था मानसून चले गया. लेकिन भरतपुर में इस बार औसतन बारिश नही हो पाई है, लेकिन सोमवार की बारिश ने किसानों को राहत दी है. साथ ही बाजरे की फसल को लाभ होगा.

बाजरे की खेती को लेकर चिंता
किसान हेम सिंह कुशवाह ने बताया कि समय पर बारिश नही होने से 8 -10 दिन का गैप लग गया था. इसके चलते किसानों को बाजरे की फसल को लेकर चिंता सता रही थी. झमाझम बारिश ने किसानों की खुशी वापिस लौटा दी है. इस बारिश से बाजरे की फसल को लाभ तो होगा ही साथ ही पैदावार अच्छी देखने को मिलेगी. बता दें कि भरतपुर जिले में बाजरे की पैदावार 1लाख प्रति हैक्टेयर से ज्यादा की जाती है. इस बारिश से खरीफ की फसल चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, मूंगफली, जूट, गन्ना आदि को लाभ मिलेगा.

Tags: Bharatpur News, Rajasthan news

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