राजस्थान में इस दिन नहीं खुलेंगी मांस-मछली की दुकानें, सरकार ने जारी किए आदेश, जानें क्या है वजह

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जयपुर. राज्य में जैन धर्म के पर्यूषण पर्व को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को मांस मछली की दुकानों को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं. 30 अगस्त और 31 अगस्त को पर्युषण एवं संवत्सरी के दिन प्रदेश में बूचड़खाने और मांस मछली की दुकानें नहीं खोली जा सकेगी. इसी के साथ अनंत चतुर्दशी के दिन यानी 9 सितंबर को भी इसी तरह के आदेश लागू होंगे. राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग की ओर से सोमवार को इस संबंध में प्रदेश की सभी नगर निगम परिषद और पालिकाओं को आदेश जारी किए गए हैं. इन आदेशों का उल्लंघन करने पर नगर निकायों की ओर से कार्रवाई की जा सकती है.

एक बड़े आंकलन के मुताबिक जयपुर शहर में ही मांस-मच्छी बेचने की करीब 2 हजार दुकानें है. जो नगर निगम ग्रेटर और नगर निगम हैरिटेज के क्षेत्र में संचालित है. जैन धर्म के लिए पर्यूषण पर्व विशेष महत्व रखता है. मानवीय एकता अहिंसक जीवन आत्मा की उपासना शैली का समर्थन जैसे तत्त्व पर्युषण महापर्व के मुख्य आधार हैं. जबकि भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी को अनन्त चतुर्दशी कहा जाता है. इस व्रत में भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है.

31 अगस्त तक मनाए जाएंगे पर्व
श्वेतांबर जैन समाज के पषण यानी अष्टान्हिका पर्व 24 अगस्त से शुरू हुए हैं. यह पर्व 31 अगस्त मनाएं जाएंगे. इन दिनों धर्मावलंबी धर्म में लीन रहकर तप, ध्यान, साधना, पूजन, आत्मचिंतन पर ध्यान देंगे. पर्युषण का अर्थ है परि यानी चारों ओर से, उषण यानी धर्म की आराधना. ज्ञात हो कि श्वेतांबर भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से शुक्ल पक्ष की पंचमी और दिगंबर भाद्रपद शुक्ल की पंचमी से चतुर्दशी तक यह पर्व मनाते हैं.

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