लटेरी गोली कांड : सरकार ने दिया मजिस्ट्रियल जांच का आदेश, रिटायर्ड जज को सौंपी जिम्मेदारी

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भोपाल. विदिशा जिले के लटेरी के जंगलों में 9 अगस्त को वन कर्मियों की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच होगी. राज्य सरकार ने घटना के 13 दिन बाद मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज वीपीएस चौहान मामले की जांच करेंगे. उस गोलीबारी में 4 लोग घायल भी हो गए थे.

इसी महीने 9 अगस्त को विदिशा जिले के लटेरी में ये घटना हुई थी. वन कर्मियों की गोलीबारी में एक आदिवासी की मौत और 4 अन्य लोग घायल हो गए थे. जांच के दौरान इस बात की पड़ताल होगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई. भविष्य में इस तरह की घटनाओं को ना दोहराया जाए.

वन अफसरों पर हुई कार्रवाई
लटेरी के जंगल में वन कर्मियों की फायरिंग में आदिवासियों के मौत के मामले ने सियासी रूप ले लिया था. कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच के लिए जांच दल का गठन किया था. कांग्रेस ने मृतक को बलिदानी का दर्जा देने की मांग की थी. घटना के बाद राज्य सरकार ने डी एफओ राजवीर सिंह को हटाकर मुख्यालय में उपवन संरक्षक बनाकर भेज दिया है.वहीं लटेरी की घटना में डिप्टी रेंजर की गिरफ्तारी हुई थी. डिप्टी रेंजर की गिरफ्तारी पर वन कर्मी विरोध आंदोलन पर ऊपर आए थे. लेकिन अब सरकार ने पूरे मामले मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देकर जताने की कोशिश की है कि वो घटना के प्रति गंभीर है और पूरे मामले की जांच सही तरीके से चाहती है.

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लकड़ी चोरों पर चलाई थी गोली
विदिशा के जंगल में वन कर्मियों का गश्ती दल निरीक्षण पर निकला था. उसी दौरान दल को जंगल में लकड़ी चोर दिखाई दिए थे. उसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने फायरिंग की थी. उस फायरिंग में एक आदिवासी की मौत हो गई थी. सरकार ने पूरे मामले में अब जाकर जांच के आदेश दिए हैं.

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