होटल में चल रहा था मरीजों का इलाज, आयुष्मान कार्ड वालों को अस्पताल रोज देता था इतने रुपये

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जबलपुर. मध्य प्रदेश में इलाज के नाम पर किस तरह की लूट मची हुई है, इसका अंदाजा इस खबर से लगाया जा सकता है. जबलपुर के हैरान करने वाले इस मामले में एक निजी अस्पताल ने बगल के होटल को भी हॉस्पिटल में तब्दील कर लिया. उसने आयुष्मान कार्ड धारकों को यहां फर्जी तरीके से भर्ती किया. यह खुलासा तब हुआ जब आयुष्मान कार्ड योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग और आयुष्मान योजना के अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा.

गौरतलब है स्वास्थ्य विभाग और आयुष्मान योजना के अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि राइट टाउन स्थित सेंटर इंडिया किडनी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. इस शिकायत पर टीम ने जब यहां छापा मारा तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं. टीम को जांच में पता चला कि अस्पताल में भर्ती किए गए मरीजों का इलाज उसके बगल में स्थित वेगा होटल में किया जा रहा था. होटल के बड़े हॉल को जनरल वार्ड बना दिया गया था. होटल के मिनी हॉल को आईसीयू बना दिया गया था और होटल के कमरों को प्राइवेट रूम बताते हुए मरीजों को भर्ती किया गया था.

स्वास्थ्य विभाग की टीम के उड़े होश
इसके बाद जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों से पूछताछ की तो उसके होश उड़ गए. टीम समझ गई कि यह पूरा खेल आयुष्मान योजना के पैसे हड़पने के लिए खेला जा रहा है. अस्पताल संचालक ऐसे मरीजों को होटल में भर्ती कर रहा था जिन्हें मामूली सी बीमारियां हैं. उसने सर्दी, जुखाम, बुखार, बदन दर्द जैसी बीमारियों के लिए भी मरीजों को 3 से 5 दिन तक होटल में भर्ती रखा और उनके आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल किया. अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हर पहलू पर जांच कर रहे हैं.

मरीज को रोज मिलते थे 1 हजार रुपये
जानकारी के मुताबिक, शहर में सक्रिय दलाल अलग-अलग घूमकर अस्पताल के लिए मरीज ढूंढकर लाते थे. अस्पताल प्रबंधन इस दलाल को हर मरीज पर 5 हजार रुपये देता था. मरीजों को भती होने के रोज एक हजार रुपये मिलते थे. यानी मरीज जितने दिन रहता, उतने दिनों के उसे रुपये मिलते. अस्पताल प्रबंधन छोटी-मोटी बीमारी के हर मरीज को 4 से 5 दिन के लिए भर्ती करता था.

Tags: Jabalpur news, Mp news

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