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हाइलाइट्स
ईआरसीपी पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन
बैठक में नहीं पहुंची वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया
जयपुर. ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (Eastern Rajasthan Canal Project) को लेकर रविवार शाम को सीएमआर में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सीएम अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि मैं आरोप लगा रहा हूं कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को यहां होना चाहिए था. उन्होंने बैठक में मौजूद उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की ओर मुखातिब होते हुये कहा कि आप उनसे जाकर कहिएगा कि हम उनकी योजना को आगे बढ़ा रहे हैं. ऐसे में उन्हें आकर हमें धन्यवाद देना चाहिए.
राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि ईआरसीपी की योजना हमारे कार्यकाल में बनी और इसे कांग्रेस ने आगे बढ़ाया. सीएम गहलोत की इन बातों का हमारे पास कोई जवाब नहीं है. लेकिन यह इन हाउस चर्चा है. ये बातें मैं मीडिया में कहने वाला नहीं हूं. मीडिया में तो जो मुझे कहना है वो मैं कहूंगा. बैठक में राठौड़ ने यह बातें मुख्य अभियंता ईआरसीपी रवि सोलंकी को टोकते हुए कही. सोलंकी ने कहा कि केंद्रीय जल आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही योजना बनाई गई है. इसमें मध्यप्रदेश से अनापत्ति प्रमाण-पत्र लेना आवश्यक नहीं है. इस पर राठौड़ ने सोलंकी को टोकते हुए कहा कि फिर आपने 2018 में सहमति क्यों ली? हम इन हाउस चर्चा कर रहे हैं तो हमें सभी तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करनी चाहिए.
वसुंधरा राजे को हमें आकर धन्यवाद कहना चाहिए
दरअसल सीएम अशोक गहलोत ने ईआरसीपी के मुद्दे पर रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के नहीं पहुंचने पर सीएम अशोक गहलोत ने वहां उपस्थित बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ की चुटकी लेते हुए कहा कि आपके इन नेताओं को यहां होना चाहिए था. आप के प्रदेशाध्यक्ष पैदल यात्रा कर रहे हैं. उनके लिए पैदल यात्रा जरूरी थी कि इस अहम मुद्दे पर यह बैठक.
यह है ईआरसीपी का विवाद
ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों के लिए पिछली बीजेपी सरकार में बनाई गई योजना है. कांग्रेस का दावा है कि लोकसभा चुनावों के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर और जयपुर में हुई रैली में इस योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने का वादा किया था. ऐसे में अब उन्हें अपना वादा निभाना चाहिए. वहीं जयपुर में आयोजित हुई एक बड़ी बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यहां तक कह दिया था कि अगर प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभाओं में ईआरसीपी का जिक्र तक भी किया होगा तो वे राजनीति से सन्यास ले लेंगे. इसके तुरंत बाद कांग्रेस ने दोनों सभाओं की वीडियो जारी कर दिए. तभी से केंद्र और राज्य में ईआरसीपी का विवाद बढ़ गया है. अब कांग्रेस ईआरसीपी के मुद्दे पर बीजेपी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ती है.
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Tags: Ashok gehlot, Jaipur news, Rajasthan news, Vasundhra Raje
FIRST PUBLISHED : July 25, 2022, 06:45 IST
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