Exclusive: खेत में प्रैक्टिस, सटीक गेंदबाजी का जुनून; अचानक चर्चा में आए भरत सिंह के संघर्ष की कहानी

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हाइलाइट्स

राजसमंद के मौजावतों का गुढ़ा गांव के रहने वाले भरत सिंह
भरत सिंह गेंदबाज रवि बिश्नोई के संघर्ष से खासे प्रभावित हैं

नई दिल्ली. राजस्थान के राजसमंद जिले के 16 वर्षीय गेंदबाज भरत सिंह अचानक सुर्खियों में आ गए. सोशल मीडिया पर उनका वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह खेत पर मछली के जाल को नेट्स बना कर गेंदबाजी की प्रैक्टिस करते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट के जरिये मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भरत सिंह के सपने को साकार करने में मदद का आग्रह किया. सीएम गहलोत ने भी जरूरी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया. इस घटनाक्रम के बाद, सीएमओ से लेकर जिला कलेक्टर ने भरत सिंह से संपर्क साधा. जल्द ही उनकी मुलाकात जयपुर में सीएम गहलोत से होगी. चारभुज तहसील के मौजावतों का गुढ़ा गांव के रहने वाले भरत सिंह की कहानी संघर्ष से भरी है. भरत सिंह के पिता किसान हैं. माता गृहणी हैं.

न्यूज 18 डिजिटल से खास बातचीत में भरत सिंह ने बताया कि वह गेंदबाज रवि बिश्नोई के संघर्ष से खासे प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि जब मैंने रवि बारे में पढ़ा कि उन्होंने खेत पर ही पिच बनाकर गेंदबाजी का अभ्यास किया था, तो मैंने भी अपने सपने को साकार करने के लिए यही तरकीब अपनाने की सोची. मैंने खेत पर ही पिच तैयार की और नेट्स लगाकर सटीक गेंदबाजी का अभ्यास शुरू किया.

यह पूछे जाने पर कि उनके आदर्श गेंदबाज कौन हैं? इसके जवाब में भरत सिंह ने कहा कि वह भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से खासे प्रभावित है.

उन्होंने बताया कि वह 10 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं. जब वह 5वीं कक्षा में पढ़ते थे, तब पहली बार उन्होंने हाथ घुमाकर गेंद फेंकने का अभ्यास किया था. क्रिकेट के प्रति उनका जुनून बढ़ता गया. शुरुआत में टीवी पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेटली और पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को देखकर उन्होंने बॉलिंग में हाथ आजमाना शुरू किया. आसपास के गांवों में होने वाले टूर्नामेंट में वह भाग लेते हैं.

12वीं कक्षा में पढ़ने वाले भरत सिंह ने खास बातचीत में बताया कि पहले टेनिस बॉल से खेलते थे और उसी से प्रैक्टिस करते थे लेकिन पिछले पिछले डेढ़ साल से लेदर की गेंद से प्रैक्टिस कर रहे हैं. शुरुआत से ही बिना क्रिकेट अकेडमी के अपने हुनर को निखारने का प्रयास कर रहे हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण कोई क्रिकेट अकेडमी ज्वाइन नहीं कर सके हैं.

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