Rajasthan: अनाथ बच्चों को सिर्फ 5 घंटे में मिला जमीन का पट्टा, खुशी से छलक आए आंसू

[ad_1]

हाइलाइट्स

बाड़मेर जिला प्रशासन और नगर परिषद ने पेश की मिसाल
दो अनाथ बच्चों को महज पांच घंटे में दिया जमीन का पट्टा

बाड़मेर. सरहदी बाड़मेर में जिला प्रशासन और शहर की सरकार ने मिशाल पेश करते हुए दो अनाथ बच्चों को महज पांच घंटे में उनकी पुश्तैनी जमीन का पट्टा दे दिया. वह भी बिना किसी शुल्क के. बाड़मेर जिला कलेक्टर और नगर परिषद के इस कदम के हर तरफ चर्चे हो रहे हैं. बाड़मेर जिला कलेक्टर से गुरुवार को महावीर नगर निवासी ग्याहर्वी में पढ़ने वाली सीमा ने अपनी 90 वर्षीय बुजुर्ग दादी और भाई जय के साथ जिला कलेक्टर लोकबंधु यादव के पास उनकी जमीन का पट्टा देने की गुहार लगाई थी. इनकी माली हालत ऐसे भी नहीं थी कि वह पट्टे का शुल्क भी अदा कर पाएं.

सीमा और उसके भाई के पिता की मौत हो चुकी है. मां इन मासूमों को छोड़ चुकी है. जिला कलेक्टर ने मासूम बच्चों की गुहार पर चौबीस घंटे में अमल करने के लिए नगर परिषद आयुक्त योगेश आचार्य को कहा था. शुक्रवार को यह बच्ची ग्यारह बजे के करीब नगर परिषद आयुक्त के कार्यालय पहुंची तो आयुक्त ने महज 5 घंटे में इसे पट्टा जारी कर दिया. इतना ही नहीं, निर्धारित पट्टे की शुल्क भी आयुक्त योगेश आचार्य ने जेब से जमा करवाई. पट्टे के पंजीयन का शुल्क जिला पंजीयक प्रेम सिंह चौधरी ने अपनी जेब से दिए.

पट्टा पाकर सीमा, उसके भाई और दादी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. सीमा बताती है कि 30 साल बाद पट्टा पाकर बहुत खुशी हो रही है. नगरपरिषद आयुक्त योगेश आचार्य के मुताबिक गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई में जिला कलक्टर ने निर्देशित किया था जिसके बाद सीमा की दादी के नाम निःशुल्क पट्टा जारी किया गया है. मासूम सीमा के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं था. प्रशासन के इस कदम की शहरभर तारीफ हो रही है.

Tags: Barmer news, Rajasthan news

[ad_2]

Source link

Comments (0)
Add Comment