Rajasthan: राज्य सरकार ने 3 पार्षदों को किया बर्खास्त, 6 साल नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, जानें किस बात की मिली सजा

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जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर नगर निगम ग्रेटर में निलंबित चल रहे 3 पार्षदों को न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने पर राज्य सरकार ने अब पद से भी बर्खास्त कर दिया है. नगर निगम ग्रेटर में तत्कालीन आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव से बदसलूकी मामले में बर्खास्तगी की गई है. इन पर 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. अब इन तीन पार्षदों के हटने के बाद खाली हुई सीट पर दोबारा चुनाव करवाए जाएंगे.

स्वायत्त शासन निदेशालय से जारी आदेशों के मुताबिक वार्ड 72 से भाजपा के पार्षद पारस जैन, वार्ड 39 से अजय सिंह और वार्ड 103 से निर्दलीय शंकर शर्मा को पद से बर्खास्त किया गया है. वहीं महापौर सौम्या गुर्जर के मामले में सरकार न्यायिक जांच की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के बाद ही कोई एक्शन लेगी. इन तीनों ही पार्षदों को सरकार ने न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त किया है.

बता दें कि इन तीनों पार्षदों को राज्य सरकार ने पिछले साल 6 जून 2021 को निलंबित कर दिया था. इन पार्षदों को तत्कालीन नगर निगम ग्रेटर के कमीश्नर यज्ञमित्र सिंह देव के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में दोषी मानते हुए निलंबित किया गया था. इसके बाद सरकार ने इन तीनों ही पार्षदों के साथ मेयर सौम्या गुर्जर के खिलाफ न्यायिक जांच शुरू करवा दी थी.
पूर्व आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव से हुआ था विवाद

मेयर डॉ. सौम्या पर कार्रवाई को लेकर अभी ली जा रही विधिक रायन्यायिक जांच में मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर को दोषी माना है. न्यायिक जांच की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करने के बाद ही एक्शन लिया जा सकता है. बता दें कि सरकार ने तीनों पार्षदों को पिछले साल 6 जून 2021 को निलंबित कर दिया था. इसके बाद अब इन पार्षदों को पद से हटा दिया गया है. साथ ही 6 साल तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इन पार्षदों को तत्कालीन नगर निगम ग्रेटर के कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. जिसके चलते इनके खिलाफ एक्शन लिया गया है.

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