[ad_1]
इस मामले में नीरज का कहना है कि खेल-खेल में सीखने वाला बच्चा कभी भूलता नहीं है. आज इस स्कूल में 113 से ज्यादा बच्चे हैं. इनमें 54 लड़के और 59 लड़कियां हैं. नीरज ने बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए अनसॉल्व्ड पेपर्स बनाए, ताकि बच्चों का चयन सैनिक स्कूल, नवोदय स्कूल, कन्या परिसर छात्रवास में हो सके. वे बच्चों के मन में अभी से प्रतियोगी परीक्षाओं की अलख जगाने की कोशिश कर रहे हैं.
[ad_2]
Source link