VIDEO: पांच नदियों के संगम पर माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं बाल हनुमान, 800 साल पुराना है मंदिर

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मोहित शर्मा.

करौली. करौली की स्थापना का प्रतीक माने जाने वाले अंजनी माता का मंदिर पर्यटकों का हब बनता जा रहा है. पांचना बांध जो पांच नदियों के संगम से बना है, उस पर माता अंजनी विराजमान हैं. माता के मंदिर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं. पूर्वी राजस्थान के प्रमुख पांचना बांध की पहाड़ी पर अंजनी माता का मंदिर होने से चारों तरफ हरियाली छाई हुई है. बारिश में यह स्थल शहर के नजदीक होने से प्रमुख पर्यटन स्थल बनता जा रहा है.

अंजनी माता के सामने ही प्राचीन हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है. अंजनी माता के मंदिर का निर्माण 1348 ईस्वी में यदुवंशी राजा अर्जुन देव द्वारा कराया गया था. यदुवंशियों की कुलदेवी होने के कारण करौली नगर की स्थापना के साथ ही अंजनी माता की प्रतिष्ठा की गई. माता की प्रतिमा संगमरमर पत्थर से बनी हुई है. मंदिर में बाल हनुमान को माता अंजनी गोद में लिए बैठी हुई है और हनुमान जी को दुग्धपान करा रही हैं. माना जाता है कि ऐसी अद्वितीय प्रतिमा कहीं नहीं है.

लगभग 800 वर्ष पुराना है मंदिर
इस मंदिर को लगभग 800 वर्ष प्राचीन माना जाता है. परंपरागत रूप से इस मंदिर की पूजा-अर्चना और देखभाल प्राचीन समय से करौली के हरदेनिया परिवार के द्वारा की जाती है. देवउठनी ग्यारस को माता के दरबार में प्राचीन समय से मेला लगता है. लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं. कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन रियासत काल से चला आ रहा है. नवरात्रि के समय लाखों की संख्या में कैला देवी जाने वाले श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए आते हैं. यहां आने वाले लोगों का मानना है कि किसी मरीज को कान संबंधी बीमारी में माता की जात बोलने पर बीमारी से निजात मिल जाती है.

Tags: Karauli news, Rajasthan news

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