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MP: शिक्षकों के सामूहिक प्रशिक्षण पर सियासत, कांग्रेस बोली- लुभाने की कोशिश कर रही सरकार

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भोपाल. मध्य प्रदेश में पहली बार होने जा रहे नवनियुक्त शिक्षकों के सामूहिक प्रशिक्षण पर सियासी तेज हो गई है. 4 सितंबर को जंबूरी मैदान में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों का प्रशिक्षण होने जा रहा है. प्रदेश भर के सभी जिलों से शिक्षकों को ट्रेनिंग में आने को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किया है. सामूहिक रूप से होने वाले प्रशिक्षण को लेकर कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है तो वहीं शिक्षक संगठनों ने भी सामूहिक ट्रेनिंग पर आपत्ति जताई है. शिक्षक दिवस के ठीक एक दिन पहले राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में हजारों की तादाद में शिक्षक पहुंचेंगे. दरअसल स्कूल शिक्षा विभाग प्रदेश भर के नवनियुक्त माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देने जा रहा है.

इसके लिए बसों से शिक्षकों को लाने- ले जाने और ठहरने की व्यवस्था की गई है. भारी बारिश के चलते जंबूरी मैदान में डोम तैयार किए जाएंगे. एक साथ शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की ट्रेनिंग दी जाएगी. लोक शिक्षण संचालनालय आयुक्त की तरफ से हर जिलों से शिक्षकों को जंबूरी मैदान में लाने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए है.

कांग्रेस ने कहना- चुनावी साल में शिक्षकों को लुभा रही सरकार

मध्य प्रदेश में पहली बार शिक्षकों के सामूहिक प्रशिक्षण को लेकर कांग्रेस सवाल खड़े कर रही है. कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि चुनावी साल में शिक्षकों को वोट बैंक के लिहाज से सरकार साधने में जुट गई है. लोकलुभावन घोषणाएं करेगी भले ही वह घोषणाएं आने वाले दिनों में पूरी की जाए या नहीं.  शिक्षकों के प्रशिक्षण के जरिए भाजपा इवेंट मैनेजमेंट करने में लगी हुई है. सामूहिक प्रशिक्षण इससे पहले कभी आयोजित नहीं हुआ है. प्रशिक्षण को लेकर कांग्रेस विधानसभा में सवाल उठाने की तैयारी भी कर रही है.

नवनियुक्त शिक्षकों के सामूहिक प्रशिक्षण को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है. भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग का कहना है कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है..कांग्रेस का काम ही केवल सवाल खड़े करना है. शिक्षक संगठनों ने इस तरह के प्रशिक्षण पर भी आपत्ति ली है.

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शिक्षक संगठनों ने भी ली आपत्ति

शिक्षक संगठनों का कहना है कि एक दिन में कैसे शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा. बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने अब तक कम से कम 10 से 15 दिनों की ट्रेनिंग दी जाती रही है. बरहहाल जो भी हो लेकिन सवाल यही है कि सामूहिक लेने में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने कैसे प्रशिक्षण दिया जाएगा. सामूहिक प्रशिक्षण पर भले ही सियासत गर्म हो पर शिक्षकों के चेहरे खिले हुए नजर आ रहे है. शिक्षकों को उम्मीद है कि चुनावी साल में प्रशिक्षण के जरिए ही समस्याओं का समाधान जरूर निकलेगा..

Tags: Bhopal news, Mp news

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