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Rajasthan: मुनीम ने ही साजिश रचकर लुटवाये मालिक के 16 लाख रुपये, मास्टर माइंड समेत 4 गिरफ्तार

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हाइलाइट्स

कारोबारी के मुनीम ने ही रुपयों के लालच में रची थी साजिश
डकैतों ने डकैती से पहले भी दो बार की थी शोरूम की रैकी

विष्णु शर्मा.

जयपुर. राजधानी जयपुर (Jaipur) के करणी विहार इलाके में तीन दिन पहले 3 सितंबर को लकड़ी कारोबारी विवेक सरावगी के शोरूम में डाली गई डकैती (Robbery) का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. इस डकैती की साजिश कारोबारी विवेक के मुनीम ओमप्रकाश उर्फ ओमी गुर्जर ने ही रची थी. करणी विहार थाना पुलिस ने डकैती की साजिश रचने वाले मुनीम ओमप्रकाश सहित चार डकैतों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उनसे लूटी गई करीब 16 लाख रुपये की रकम बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है. डीसीपी वंदिता राणा के सुपरविजन में वैशाली नगर एसीपी आलोक सैनी सहित करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने इस गैंग का खुलासा किया है.

डीसीपी वंदिता राणा ने बताया कि पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी मुनीम 20 वर्षीय ओमप्रकाश उर्फ ओमी गुर्जर है. इसके अलावा हरियाणा निवासी रवि सोनी, अलवर निवासी महेश मीणा और कोटपूतली निवासी विजय मीणा है. अन्य आरोपियों को नामजद कर तलाश की जा रही है. अजमेर रोड पर हीरा नगर में लकड़ी का कारोबार करने वाले विवेक सरावगी के पास विराट नगर का रहने वाला ओमप्रकाश गुर्जर पिछले कुछ बरसों से मुनीम का काम करता है. ओमप्रकाश करीब 15 दिन पहले अपने गांव गया था. वहां उसने परिचित सीताराम मीणा से मुलाकात की. ओमप्रकाश ने बताया कि मेरे सेठ के पास शोरुम पर रोजाना 4-5 लाख रुपये का कलेक्शन होता है. उसके बाद मुनीम ओमप्रकाश ने सीताराम के साथ मिलकर डकैती की साजिश रची.

अगस्त महीने में दो बार लूट के इरादे से की रैकी
वैशाली नगर एसीपी आलोक सैनी ने बताया कि ओमप्रकाश के इशारे पर सीताराम मीणा ने डकैती के लिए अपने साथियों को तैयार कर लिया. उन्होंने पिछले महीने गांव से जयपुर आकर दो बार रैकी की. लूट का प्रयास किया लेकिन उस वक्त शोरूम पर रकम कम थी. कभी लोग ज्यादा थे. ऐसे में मुनीम ओमप्रकाश के इशारे पर बदमाशों ने डकैती नहीं डाली. आखिरकार 3 सितंबर को मौका मिलने पर पांच बदमाश विवेक सरावगी के शोरूम पर पहुंचे. वहां चाकू और पिस्तौल दिखाकर करीब 16 लाख रुपये लूट लिये. किसी को भी मुनीम ओमप्रकाश पर शक नहीं हो इसलिए बदमाशों ने कारोबारी विवेक सरावगी के साथ उसे भी बंधक बनाया था.

बयान बदलने से हुआ मुनीम पर शक
वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली गई. कारोबारी विवेक सरावगी के मुनीम ओमप्रकाश से पूछताछ की गई तो वह बयान बदलने लगा. तब संदेह होने पर पुलिस टीम बाहर भेजी गई और उसे डकैती के अहम सुराग मिले. इसके बाद ओमप्रकाश ने सख्ती से हुई पूछताछ में सच्चाई बयां कर दी. तब पुलिस ने गैंग के मास्टर माइंड मुनीम सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया. इस डकैती के खुलासे में एसीपी प्रमोद स्वामी, चित्रकूट थानाप्रभारी रामकिशन विश्नोई, दौलतपुरा थानाप्रभारी नरेंद्र खींचड़, कालवाड़ थानाप्रभारी पन्नालाल और करणी विहार थानाप्रभारी जयसिंह बसेरा के नेतृत्व में अलग अलग टीमों को बाहर भेजा गया था.

Tags: Crime News, Jaipur news, Looting and robbery, Rajasthan news

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