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जयपुर. राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में हाल ही में पहली बार एक मरीज में किए गए ऑडिट्री ब्रेनस्टेम इम्पलांट का आज स्विच ऑन कर दिया गया है. स्विच ऑन करने के बाद 15 साल की मरीज अन्नु को अब सुनाई देने लगा है. बचपन से बधिर अन्नु के मस्तिष्क में लगे इम्पलांट का स्वीच ऑन होते ही कान और मस्तिष्क में आज पहली बार आवाज पहुंची है.
एसएमएस अस्पताल में अन्नु का दो महीने पहले यानि 9 जुलाई को ऑडिट्री ब्रेनस्टेम इम्पलांट ऑपरेशन किया गया था. इसमें उसके कान के पीछे की हडडी से होते हुए दिमाग के भीतरी हिस्से में brainstem स्थापित किया गया था. यह उन मरीजों में लगाया जाता है जिनमें सुनाई देने के लिए कान के आन्तरिक अंग काम नहीं कर पाते. ऑपरेशन के दो महीने बाद आज इम्पलांट का स्वीच ऑन किया गया. मरीज अन्नु ने आवाज सुनते ही रिस्पॉंस दिया. मरीज के रिस्पोंस से परिवार और डॉक्टर्स भी खुश हो गए. इस मौके पर एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, अस्पताल अधीक्षक और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर्स की टीम मौजूद थी.
राजस्थान में पहला ऑपरेशन
अब तक ऑडिट्री ब्रेनस्टेम इम्पलांट देश में सिर्फ दो ही निजी अस्पतालों में किया जाता था. चेन्नई के डॉक्टर्स की मदद से एसएमएस अस्पताल के डॉक्टर्स ने कई महीनों की ट्रेनिंग और तैयारियों के बाद दो महीने पहले मरीज का इम्पलांट किया था. चिकित्सकों ने बताया कि अब बच्ची को स्पीच थैरेपी दी जाएगी. यह राजस्थान का पहला और देश के किसी भी चिकित्सा शिक्षण संस्थान में पहली बार किया गया ऑपरेशन है
बचपन में सुनने की क्षमता हो गई थी खत्म
15 साल की बालिका अन्नू की बचपन में दिमाग में संक्रमण के बाद सुनने की क्षमता खत्म हो गई थी. थोड़े समय में उसका बोलना भी बन्द हो गया था. सवाई मानसिंह चिकित्सालय के चिकित्सकों ने परीक्षण करके यह पाया कि उसका अन्य किसी विधि से इलाज संभव नहीं है. मरीज के पिता ने राज्य सरकार से इलाज की गुहार की. उसके बाद एसएमएस अस्पताल के 2 वरिष्ठ चिकित्सक न्यूरोसर्जन डॉ.अचल शर्मा और ईएनटी के प्रोफेसर डॉ.मोहनीश ग्रोवर को इसी साल की शुरुआत में प्रशिक्षण के लिए चेन्नई भेजा. उसके बाद एसएमएस अस्पताल में auditory brainstem implant ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया.
सरकार के सहयोग से बनी बात
गौरतलब है कि ऑडिट्री ब्रेनस्टेम इम्पलांट एक आधुनिक बिजली उपकरण है. जिसे कान के पीछे की हडडी से होते हुए दिमाग के भीतरी हिस्से brainstem में स्थापित किया जाता है. यह उन मरीजों में लगाया जाता है जिनमें सुनाई देने के कान के आन्तरिक अंग काम नहीं कर पाते. बच्ची के इलाज के लिए मरीज के परिवार वाले काफी समय से परेशान हो रहे थे. ये ऑपरेशन देश में सिर्फ चेन्नई और हैदराबाद में ही होता है. और वहां खर्चा भी ज्यादा आता है. शुरुआत में मरीज के परिवार ने इलाज के लिए क्राउड फंडिंग के जरिए 15 लाख रुपए भी इकट्ठे किए थे. लेकिन राज्य सरकार की निरोगी राजस्थान योजना के तहत अब उसका निशुल्क ऑपरेशन किया गया.
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Tags: Jaipur news, Rajasthan news in hindi
FIRST PUBLISHED : September 09, 2022, 18:56 IST
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