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रिपोर्ट- मुकुल परिहार
जोधपुर. देश मे स्वास्थ्य सेवाओं के नए हब के रूप में उभर रहे जोधपुर के डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने एक बार कमाल कर दिखाया. जहां एक 9 वर्षीय बच्ची डेढ़ माह से दाहिने छाती के दर्द से परेशान थी. मेडिकल कॉलेज के मथुरादास माथुर राजकीय अस्पताल के चिकित्सकों ने बच्ची का सफल ऑपरेशन कर उसे दर्द से मुक्ति दिलाई. बच्ची का यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ बीमा योजना के तहत पूर्णतः निःशुल्क हुआ है. जिसके कारण बच्ची के परिवारजनों को भी ऑपरेशन के लाखों रुपए का खर्च भी नहीं करना पड़ा.
सोते समय बच्ची के छाती में घुसी सुई
बच्ची के परिजनों का कहना है कि डेढ़ माह पूर्व रात को सोते समय बच्ची के छाती में एक बड़ी सुई दाहिनी छाती में घुस गई थी. समस्या को लेकर मरीज के परिजनों ने अपने क्षेत्र के नजदीकी चिकित्सालय में परामर्श लिया. परंतु लाभ ना होने के कारण वह जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक विभाग में भर्ती हुई. जहां एक्स-रे और सीटी स्कैन में बच्ची के दाहिने फेफड़ों में सुई होने की पुष्टि हुई. कार्डियोथोरेसिक विभाग के चिकित्सक डॉ. सुभाष बलारा (सहा अचार्य और विभागयक्ष) के साथ मिलकर डॉ अभिनव सिंह (सहायक आचार्य) ने ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. गीता सिंगारिया, डॉ. देवेंद्र बोहरा, डॉ. कश्मीरा शर्मा, स्टाफ रेखा राम और मोनिका के सहयोग से सफल ऑपरेशन किया.
1 घंटे चला ऑपरेशन
डॉक्टरों की टीम ने यह भी बताया कि इस सुई की लंबाई लगभग 5 सेंटीमीटर थी और बच्ची के दाहिने फेफड़े के पोस्टीरियर बेसल सेगमेंट के पैरेंकाइमा में धंसी हुई थी. जिसका आगे का सिरा सेगमेंटल bronchus, artery और वेन से सिर्फ एक सेंटीमीटर की दूरी पर था. इसलिए ऑपरेशन को करते समय अत्यंत सावधानी की आवश्यकता थी. अन्यथा बच्ची के फेफड़े को डैमेज पहुंच सकता है. ऐसे ऑपरेशन को करने के लिए अनुभवी डॉक्टर्स की टीम की आवश्यकता होती है. सुई को निकालने के बाद फेफड़े को रिपेयर कर दिया गया, यह ऑपरेशन लगभग 1 घंटे चला.
ऑपरेशन के पश्चात बच्ची का इलाज सीटीवीएस विभाग में चल रहा है. जहां डॉ अंशुमन और डॉ. सुखदेव लगातार निगरानी बनाये हुए है. डॉ. एस एन मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. जयराम रावतानी ने भी इस सर्जरी के बाद बताया कि बच्ची अब पूर्णता स्वस्थ है और परिजन खुश हैं. ऐसे केसेस काफी रेयर हैं और अगर सुई को समय रहते ना निकाला जाए तो फेफड़ों में मवाद ( Abscess कैविटी) और एंपाईमा बनने का खतरा रहता है. जहां अब ऑपरेशन होने के बाद 9 वर्षीय बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ है और डॉक्टरों की निगरानी में है. बच्ची के परिजनों ने भी मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की वरदान के रूप में माना और सीएम गहलोत का इस योजना के लिए आभार जताया.
सफल हुआ ऑपरेशन- एमडीएम सुप्रिडेंट
मथुरादास माथुर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित का कहना है कि डॉ. दिलीप कछवाहा के मार्गदर्शन में कार्डियोथोरेसिक विभाग में एक 9 वर्षीय बच्ची की फेफड़े में धसी सुई को निकालने का सफल ऑपरेशन हुआ.
मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत निशुल्क किया गया. दर्द से राहत के बाद बच्ची के चेहरे पर खिली मुस्कान सुकून भरी थी.
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Tags: AIIMS Study, CM Ashok Gehlot, Jodhpur News, Rajasthan news
FIRST PUBLISHED : September 11, 2022, 09:30 IST
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