छत्तीसगढ़ी म पढ़व- पिंजरा के सुगना बोले- सगा आ हे पानी दे दे ओ दीदी
फूलकसिया नही ते पेंदियही लोटा म पानी दे के ‘ए लव पानी, गोड़ हाथ धो लव ‘ कहि के टूप-रूप पांव परथे. सगा ह थके मांदे गोड़ हाथ ल धो के जीव ल जुड़ाथे. कोनो मइके के सगा होगे ताहन का पूछबे, दीदी तो सबो काम बुता ल छोड़ के सेवा सटका म लग जथे. एक डाहर…