छत्तीसगढ़ म पढ़व- एक झन सत्ता सुंदरी, दस झन लगवार
गजब सुग्घर होटल मं ठहरे हन. चारों कोती चकाचक दीखत हे ,अइसे लगत हे जइसे सरग के देवी-देवता हन. उहां देखत हन, एक ले बढ़के एक परी असन सुंदरी मन अपन गोसइया मन के हाथ धरे किंजरत हें, कोनो मेर ओधहा, झिमझाम जघा दीखत हे तेन मेर चुमा-चाटी घला लेवत…