छत्तीसगढ़ी म पढ़व- राखी बांधे बर बहिनी मइके आही रक्षाबंधन के धरम ल भइया निभाही
कोनो विद्वान कहिथे-ए परम्परा ह राजा बली के समे ले चले आवत हे. जब राजा बली निन्नाबे जग पूरा करके सौवां जग पूरा करे बर बइठिस तब गुरू शुक्राचार्य ओला ये न बध्यो बली राजा… मंत्र ल पढ़ के रक्षाबंधन बांधिस. जउन मंत्र ल आज भी पंडित मन रक्षाबंधन…