छत्तीसगढ़ी म पढ़व- ये बात हे के बारुद के गोला?
भले ही कुरुक्षेत्र में महाभारत हो जाए, अथवा अयोध्या श्मशान घाट में तब्दील हो जाए, क्या फर्क पड़ता है? लोगों का मुंह आज इतना खतरनाक हो गया है वह बारूद उगलने लगा है. बिना ब्रेक के यदि गाड़ी चलेगी तो दुर्घटनाएं तो होगी ही. इसलिए मुख पर संयम…