छत्तीसगढ़ी में पढ़ें- हमर भोजली दाई के सोने सोन के अचरा
एती गांव म पिवराए देंह के मन ह गवना के पहिली भोजली के उमंग कस उमिहावत हे. सावन महीना म अंजोरी पाख के आठे के दिन भोजली खातिर कड़रा घर ले टोपली, पर्री अउ कुम्हार घर ले खातु माटी लाने के नेंग हे. भोजली बोवइया ह नवे के दिन उपास रहि के सराजाम…