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इस फ्रेंडशिप डे पर अपने अच्छे दोस्तों को करें इन मैसेज से विश | On this Friendship Day, wish your best friends with these messages

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डिजिटल डेस्क, भोपाल। दोस्ती एक प्यारा सा रिश्ता होता है। एक अच्छा दोस्त आप के जीवन की सारी कमियों को दूर कर सकता है। यह एक ऐसा रिश्ता होता जो  कि खून का तो नहीं पर उससे कम भी नहीं होता है। ऐसे रिश्ते सभी हमेशा संजो कर रखना चाहते हैं। फ्रेंडशिप डे के दिन दोस्त अपनी दोस्ती का जश्न मनाते हैं। इस बार फ्रेंडशिप डे 7 अगस्त को मनाया जाएगा । इस  दिन को खास बनाने के लिए लोग कई तरह के प्लान बनाते हैं। इस दिन दोस्त एक दूसरे को गिफ्ट देते हैं। इस के साथ  ही एक-दूसरे को फ्रेंडशिप डे विश करते हैं। तो अगर आप भी अपने दोस्त को एक अच्छे मैसेज के साथ फ्रेंडशिप डे विश करना चाहते हैं, तो हम आप की मदद कर सकते हैं। हम आप के लिए कुछ मैसेज लेकर आए हैं, जिनसे कि आप अपने दोस्तों को विश कर सकते हैं।

दोस्त अपने दिल की हर बात समझ जाया करते हैं
सुख दुःख के हर पल में साथ निभाया करते है
दोस्त तो मिला करते है अच्छी तक़दीर वालो को
मिले ऐसी तक़दीर हर बार,
रब से हम दुआ किया करते है

होस्टल की चार दिवारी में जो मिलके सपने बुनते थे
चिल्लर चिल्लर का हिसाब कर जो आपस में लड़ते थे
आज लाखो की सेलेरी लिए राह ताके बैठे हैं
आज उन दिनों की चाह में वो नुक्कड़ पर चाय लिये बैठे हैं

कोई तुम्हे इतना चाहे तो बताना
कोई इतने नाज तुम्‍हारे उठाए तो बताना
दोस्‍ती तो हर कोई कर लेगा तुमसे
लेकिन कोई हमारी तरह निभाए तो बताना

हर कदम पर इम्तहान लेती है जिंदगी
हर वक्‍त नया पाठ देती है जिंदगी
हम जिंदगी से शिकवा कैसे करें
आखिर आप जैसे दोस्‍त भी तो देती है जिंदगी

आपकी दोस्ती की एक 
नजर चाहिए,
यह दिल है बेघर इसे एक
घर चाहिए,
यूँ साथ चलते रहो, ऐ दोस्त
यह दोस्ती हमें उम्र भर चाहिए

उम्मीदों को टूटने मत देना
इस दोस्ती को कम होने मत देना
दोस्त मिलेंगे हमसे भी अच्छे
पर इस दोस्त की जगह
किसी और को मत देना

आकाश पर निगाहें हो तेरी,
मंजिल कदम चुमें तेरी,
आज दिन है दोस्ती का,
तू सदा खुश रहे यही दुआ है मेरी

मेरी दोस्ती के सारे एहसास ले लो,
दिल से प्यार के सारे जज़्बात ले लो,
नहीं छोड़ेंगे साथ तुम्हारा,
चाहें इस दोस्ती के इम्तिहान हजारों ले लो

ऐ बारिश जरा थम के बरस,
जब मेरा यार आए तो जम के बरस,
पहले ना बरस की वो आ न सके,
फिर इतना बरस की वो जा न सके

कुछ सालों बाद ना जाने क्या समां होगा, 
ना जाने कौन दोस्त कहां होगा,
फिर मिलना हुआ तो मिलेंगे यादों में, 
जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में
 

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