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घोटाले पर घोटाला : 4 जिलों के लिए भेजा गया 3 करोड़ का यूरिया गायब, सरकार ने बैठायी जांच

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जबलपुर. एमपी में पोषण आहार के बाद अब  यूरिया का बड़ा घोटाला सामने आता दिख रहा है. करोड़ों का यूरिया रवाना तो हुआ लेकिन मौके पर नाममात्र का पहुंचा बाकी गायब हो गया. ये माल प्रदेश के 4 जिलों में पहुंचाया जाना था. कैग रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के पोषण आहार घोटाले का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि यूरिया घोटाले की आशंका ने एक बार फिर सूबे की सियासत को हिला दिया है.

खबर जबलपुर जिले से सामने आई है जो बताती है कि 25 अगस्त को रैक के माध्यम से जबलपुर पहुंचा 2666 मीट्रिक टन यूरिया 4 जिलों की सहकारी समितियों तक तो पहुंचा लेकिन 80 प्रतिशत माल रास्ते से ही गायब हो गया. गायब हुए यूरिया की कीमत 3 करोड़ से अधिक की आंकी जा रही है. अब इस पर जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया है.

कहां गया यूरिया
कैग रिपोर्ट ने मासूमों के निवाले का पोषण आहार डकारने का खुलासा कर मध्यप्रदेश के सिस्टम की जहां नींद उड़ा रखी है, वहीं करोड़ों का यूरिया गायब होने से शासन प्रशासन की बेचैनी औ बढ़ गई है. खबर मध्य प्रदेश के शहर जबलपुर जिले से सामने आई है. यहां 4 जिलों के लिए 2666 मीट्रिक टन यूरिया आया था. इसमें से करोड़ों का माल गायब हो गया. जबलपुर सहित मंडला, डिंडोरी, दमोह और सिवनी के लिए ये माल भेजा जाना था. रैक में से सिर्फ 15 से 25 फीसदी यूरिया ही 4 जिलों की सहकारी समितियों तक पहुंच सका. जबकि सैकड़ों टन यूरिया गायब हो गया है.

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जांच टीम गठित
पूरे मामले को लेकर कृषि विकास विभाग के संयुक्त संचालक ने 4 जिलों के लिए अलग-अलग जांच टीम का गठन कर दिया है. यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर करोड़ों का यूरिया कहां चला गया. आंकड़ों पर अगर गौर करें तो 25 अगस्त को रैक के जरिए जबलपुर में 2667 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचा. नियम के तहत सप्लायर को 70 फ़ीसदी स्टॉक सरकारी आपूर्ति के लिए देना होता है. 1853 मीट्रिक टन यूरिया 4 दिन के लिए आवंटित हुआ. इस यूरिया को कृषि विभाग ने अलग-अलग जिलों में खपत के अनुपात में बांटते हुए उसका अलॉटमेंट जारी किया. लेकिन जिन भी जिलों में यूरिया पहुंचा उसका आंकड़ा 10 से 25 प्रतिशत ही रहा. यानी एक हजार मीट्रिक टन से ज्यादा यूरिया फिलहाल गायब है या यूं कहें भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है.

विधानसभा में उठेगा मामला
कांग्रेस विधायक विनय सक्सेना का कहना है मध्यप्रदेश में रोजाना नए नए भ्रष्टाचार का खुलासा हो रहा है. पोषण आहार के बाद यूरिया घोटाले ने भी सरकार के चेहरे को उजागर किया है. बिचौलियों और सरकार के नेता ही यूरिया लेकर घोटाले में शामिल हैं. अब वो विधानसभा में ये मसला उठाएंगे. इसके भाजपा ने इस पूरे मसले पर विपक्ष के आरोपों को दरकिनार किया है. भाजपा विधायक इंदु तिवारी का कहना है जो भी इस मामले में दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी. 3 दिन के अंदर ही पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा.

Tags: Fodder scam, Madhya pradesh latest news

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