MP: वनकर्मियों की गोलीबारी में आदिवासी की मौत, न्यायिक जांच के आदेश; सीएम शिवराज ने की मुआवजे की घोषणा
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भोपाल/विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में लटेरी के जंगल से लकड़ियां चुरा कर ला रहे कुछ लोगों पर वन विभाग के एक दल ने कथित रूप से गोलीबारी कर दी, जिसमें 32 वर्षीय एक आदिवासी की मौत हो गई और तीन अन्य लोग घायल हो गए. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. विदिशा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) समीर यादव ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात लटेरी पुलिस थाना क्षेत्र के खट्टापुरा गांव के पास हुई. इसी बीच, मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में संवाददाताओं से कहा, ‘लटेरी की घटना बेहद दुखद है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. आरोपी वनकर्मियों के खिलाफ धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर दिया गया है और उन्हें निलंबित कर दिया गया है.’
उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. मिश्रा ने बताया कि घायलों के संपूर्ण इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी. यादव ने कहा, ‘शिकायतकर्ता प्रीतम सिंह के अनुसार, वन विभाग के कर्मचारियों ने उन्हें लटेरी पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत खट्टापुरा गांव के पास उस समय रोका, जब वे लकड़ियां लेकर रायपुरा गांव में अपने घर लौट रहे थे.’ एएसपी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने बताया कि वनकर्मियों के साथ हुई बहस के बीच, वन कर्मचारियों ने उन पर 12 बोर की बंदूक से गोलीबारी कर दी, जिससे चैन सिंह (35) की मौत हो गई, जबकि उसके तीन अन्य लोग घायल हो गए.
उन्होंने बताया कि मृतक भील आदिवासी समुदाय से संबंध रखता था, जबकि घायलों की पहचान महेंद्र भील (22), भगवान सिंह (30) और रोडजी सिंह (30) के रूप में की गई है. घायलों का विदिशा जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. यादव ने कहा कि वन विभाग के दल के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास के लिए मामला दर्ज किया गया है.
मृतक के परिजन को दी जाएगी सरकारी नौकरी
वहीं, विदिशा जिलाधिकारी उमाशंकर भार्गव ने बताया कि मृतक के परिजन को सरकारी नौकरी दी जाएगी. विदिशा के मंडल वनाधिकारी (डीएफओ) राजवीर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि लकड़ी काटने और उनकी तस्करी करने की सूचना के बाद वन विभाग का दल मौके पर पहुंचा था. उन्होंने बताया कि मोटरसाइकिल से आए लकड़ी चोरों ने सड़क बाधित कर दी और पथराव शुरू कर दिया.
जब वनकर्मियों को खतरा महसूस हुआ तो उन्होंने आत्मरक्षा के लिए गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन व्यक्ति घायल हो गए. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘विदिशा जिले में लटेरी के जंगलों में वन विभाग की गोलीबारी में एक आदिवासी युवक की मौत और तीन आदिवासी युवकों के घायल होने की गंभीर घटना सामने आई है. देश जब आजादी की हीरक जयंती मना रहा है, तब भी शिवराज सरकार आदिवासियों के दमन और उत्पीड़न के अपने अभियान से पीछे नहीं हट रही है.’
कमलनाथ ने सरकार पर बोला हमला
उन्होंने कहा, ‘शिवराज सरकार में कभी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, तो कभी सत्ता की शह पर सरकारी अमला आदिवासियों की हत्या कर रहा है. प्रदेश शिवराज सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में देश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है.’ कमलनाथ ने कहा, ‘आदिवासियों पर सरकारी संरक्षण में अत्याचार करने के बाद सरकार जांच और मुआवजे का पाखंड कर रही है. सरकार मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे.’ उन्होंने कहा, ‘आदिवासियों के नाम पर झूठे तमाशे करने वाली शिवराज सरकार क्या यह बताएगी कि चाहे नेमावर हो, मंदसौर हो या विदिशा हो, हर जगह आदिवासियों पर अत्याचार क्यों हो रहा है? मुख्यमंत्री को तुरंत इस घटना के लिए आदिवासी समुदाय से माफी मांगनी चाहिए.’
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Tags: Bhopal news, Madhya pradesh news
FIRST PUBLISHED : August 10, 2022, 22:28 IST
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