छत्तीसगढ़ी म पढ़व- गिल्ली, गेड़ी अउ भंवरा
कहां गय अखाड़ा, कहां गय खुड़वा, कबड्डी अउ कहां गय फुटबॉल, वॉलीबाल, डंडा, पचरंगा, सुर, छुअउल अउ अंधियारी-अंजोरी .ये सब खेलकूद गांव मन ले निरमामुल नंदागे, अब तो बस जेती देखबे तेती किरकेट के छोड़े कोनो कांही खेलबे नइ करय. गांव अइसन कभू सपना…