छत्तीसगढ़ी म पढ़व- फेर आगे दिन बादर खेती-किसानी के
गरमी के मारे जीव बियाकुल. अब जीना हे तब कइसनो करके जीव ला तो बचाय ले परथे. लू मं कतको लेसागे चर-चर ले कीरा-मकोरा बरोबर. कोन देखइया, कोन सुनइया. अइसन पदनीपाद पदोय हे एसो के गरमी, जमराज बनके धरती म उतरगे रिहिसे. जतका ला रपोटत, सइथत अउ…