छत्तीसगढ़ी म पढ़व- छत्तीसगढ़ म इतवारी तिहार मनाय के परम्परा
जऊन ह बरदी चरावय. एक दिन कौरव दल राजा बिराट के गरुआ ल चोराए बर सुन्ता बांधिन. सैनिग्वाल ह कौरव मन ल गरुआ लेगत देख तो डरिस फेर सक नइ चलिस उंखर ले लड़े के. गरुआ ल रोके खातिर मंत्र पढ़ के धनुष बान बना के ढिल दिस बान ताहन सना नना मोर नना नना…