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Rajasthan: दलित छात्र की मौत पर मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा बोले- 5 लाख का मुआवजा कैसे तय हुआ?

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हाइलाइट्स

दलित छात्र मौत के मामले को लेकर पूरे राजस्थान की राजनीति गरमाई
मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा ने ही अपनी ही सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

श्याम बिश्नोई.

जालोर. जालोर जिले के सुराणा में मासूम इंद्र मेघवाल की मौत के मामले को लेकर पूरे राजस्थान की राजनीति गरमाई हुई है. राजस्थान सरकार के चार मंत्री आज घटनास्थल पर पहुंचे और इंद्र मेघवाल के परिजनों से मुलाकात की. श्रम मंत्री सुखराम बिश्नोई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री टीकाराम जूली, खिलाड़ीलाल बैरवा और जनअभाव अभियोग निराकरण समिति अध्यक्ष पुखराज पाराशर आज सुराणा गांव पहुंचे. पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद गहलोत सरकार के मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा ने ही अपनी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बैरवा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आड़े हाथ लेते कहा कि सीएम ने दलित छात्र की मौत की कीमत 5 लाख रुपये किस आधार पर लगाई. उन्होंने कहा कि दलितों पर हो रहे अत्याचार को लेकर विशेष सत्र बुलाया जाए जिसमें पूरे दिन चर्चा की जाए. बैरवा ने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की. बैरवा ने अपनी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा खोलकर प्रदेश की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है.

गौरतलब है कि दलित छात्र इंद्र मेघवाल की शनिवार को मौत हो गई थी. आरोपी अध्यापक छैलसिंह को गिरफ्तार कर हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना की निंदा करते हुए कहा था कि मामले की त्वरित जांच के लिये इसे ‘केस ऑफिसर स्कीम’ में लिया जाएगा. उन्होंने शनिवार रात मुख्यमंत्री राहत कोष से बालक के परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायत देने की भी घोषणा की थी. छात्र की मौत पर घोषित मुआवजे पर अब मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा ने भी सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया पर भी मुआवजे पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

जांच के बाद में ही सच्चाई सामने आएगी
पूरे मामले को लेकर जालौर के विधायक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है शिक्षक में मारपीट की है. उसने स्वीकार भी किया लेकिन मटकी से पानी पीने वाले मामले को लेकर अब किसी को भी उग्र होने की जरूरत नहीं है. शांति व्यवस्था बनाए रखनी है क्योंकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है. तमाम चीजों को लेकर जांच चल रही है. जांच के बाद में ही तथ्य सामने आएंगे. जालोर में हुई घटना को लेकर वन एव पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर दी है. ऐसी घटनाओं से राज्य शर्मसार हुआ है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए भी निर्देश दिए गए हैं.

कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने अपने पद से दिया इस्तीफा
इसी बीच, जालौर घटनाक्रम से आहत होकर कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मेघवाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इस्तीफा भेजा है. पानाचंद बारां-अटरू सीट से विधायक हैं. जालोर दलित छात्र मौत मामले में श्रीगंगानगर में आज विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला. दलित समाज ने अंबेडकर चौक पर विरोध जताया और आरोपी शिक्षक को फांसी की सजा की मांग की. 18 अगस्त को घटना के विरोध में श्रीगंगानगर बंद करने का आव्हान किया.

बाड़मेर और श्रीगंगानगर में विरोध-प्रदर्शन
दलित बच्चे की मौत मामले को लेकर सोमवार को बाड़मेर जिले में दलित समाज सड़कों पर उतरा. डॉ. अम्बेडकर शिक्षक संघ इकाई बाड़मेर जिलाध्यक्ष संतोष नामा के नेतृत्व में दर्जनों शिक्षकों और दलित समाज के लोगों ने जिला कलेक्टर के जरिये मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा. दलित नेता राहुल बामनिया एव ड़ॉ अम्बेडकर शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष संतोष नामा के मुताबिक पीड़ित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, सरकारी नौकरी की मांग की. स्कूल की मान्यता रद्द कर आगामी दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो, इसके लिए ज्ञापन सौपा. श्रीगंगानगर में आज विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला. दलित समाज ने अंबेडकर चौक पर विरोध जताया और आरोपी शिक्षक को फांसी की सजा की मांग की. 18 अगस्त को घटना के विरोध में श्रीगंगानगर बंद करने का आव्हान किया.

सचिन पायलट कल मृतक दलित छात्र के परिजनों से मिलेंगे
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट मंगलवार को जालोर के मृतक दलित छात्र के परिजनों से मिलेंगे. इस संबंध में पायलट ने ट्वीट किया, ‘जालौर के निजी स्कूल में एक छात्र के साथ शिक्षक द्वारा की गई मारपीट से छात्र की मृत्यु होना झकझोर देने वाली घटना है. इस भयानक घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है. समाज में व्याप्त इन कुरीतियों को हमें ख़त्म करना ही होगा.”

Tags: Ashok gehlot, Rajasthan news, Rajasthan Politics

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