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Rajasthan: राजभवन में हो रही रामकथा पर बवाल, मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास बोले- भगवान राम तो सबके हैं

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जयपुर. विजय कौशल महाराज की वाणी में मर्यादा पुरुषोतम श्रीराम के जीवन की कहानी सुनाई जा रही है. वो श्रीराम जो एक वचन के लिए अयोध्या छोड़ जाते हें, जो अपने पिता के आदेश पर चौदह साल वनवास काटते हैं, वो श्रीराम जो जनता की एक सुनी सुनाई बात पर सीता का परित्याग कर देते हैं. यानि श्रीराम के आदर्श जीवन की यशगाथा से राजभवन का कोना कोना भक्ति के रस में सरोबार हो रहा है. परमानंद और सत चित आनंद में सुधी श्रोता डुबकी लगा रहे हैं. पर सियासत को भला ये राग कहां अच्छा लगेगा. मुददों की तलाश में भटकते नेता और वामपंथी संगठन इस पर कड़ा एतराज जता रहे हैं. इस आयोजन को गैर संवैधानिक करार दिया जा रहा है.

पीयूसीएल की नेता कविता श्रीवास्तव ने तो बाकायदा राष्ट्रपति को चिटठी लिखी है. राजभवन के इस आयोजन को दूसरे धर्मों की आस्था का अपमान तक बताया है. वहीं मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ने राज्यपाल को बर्खास्त तक करने की मांग की है. माकपा के राज्य सचिव और पांच बार के विधायक कामरेड अमराराम ने कहा,राज्य के संवैधानिक प्रमुख की ओर से किया गया आयोजन संविधान विरोधी है. राज्यपाल का धार्मिक आयोजन कराना ही था, तो अपने खर्चे पर करते. इससे दूसरे धर्मों के लोगों की आस्था को चोट पहुंची है. आखिर सियासत को राम का आदर्श जीवन भला रास क्यों आये.

दूसरे धर्मों से जुड़े आयोजन की भी मांग
वामपंथी संगठन इस आयोजन के लिए स्टेट स्पांसरशिप के आरोप लगा रहे हैं. साथ ही ये भी मांग कर रहे हैं कि कथा वाचन ही कराना है, तो निजी खर्च पर कराया जाता. रामकथा हो सकती है, तो बाइबिल के पाठ भी हो. दूसरे धर्मों से जुड़े आयोजन भी राजभवन करे. मगर इस बीच सियासत का एक चौंकाने वाला सच सामने आ रहा है. एक जमाने में ऐसे आयोजनों का विरोध करने वाली कांग्रेस के सुर अब बदल गये हैं. रामकथा के आयोजन पर गहलोत सरकार के मंत्री राजभवन का धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं. प्रताप सिंह खाचरियावास कहते हैं कि भगवान राम तो सबके हैं.

उनकी इस बार प्रदेश पर बहुत कृपा हुई है. रामजी ने जमकर मेघ बरसाये हैं. सुख समृद्धि है, राज्यपाल महोदय इस बीच रामकथा का आयोजन करा रहे हैं. हमें ये सुन कर बहुत खुशी हुई है. ये वो ही कांग्रेस है, जिसने रामसेतू के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा तक दायर करा दिया था और यहां तक कहा था कि रामायण के पात्र काल्पनिक हैं. मगर देश की जनता का लगातार भरोसा खो रही कांग्रेस को भगवान राम पिछले कुछ अरसे से तारणहार नजर आ रहे हैं. वहीं बीजेपी लेफ्ट पर हमलावर है. तो कांग्रेस के भी बदले तेवर उसे रास नहीं आ रहे हैं.

Tags: Jaipur news, Rajasthan news

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