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गांव के लोगों को प्यासा नहीं देख सका चरवाहा, दान कर दी 5 हजार स्क्वेयर फीट जमीन

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डिंडौरी. डिंडौरी के बरगांव में एक चरवाहे ने समाज के सामने मिसाल पेश की है. उन्होंने पानी की टंकी बनाने के लिए अपनी 5 हजार स्क्वेयर फीट जमीन सरकार को दान कर दी. जमीन न मिल पाने के कारण यहां करीब 4 महीने से टंकी का निर्माण रुका हुआ था. सरकार ने इस टंकी को जल जीवन मिशन योजना के तहत स्वीकृत किया था. इस मौके पर ग्राम पंचायत और स्थानीय विधायक ने चरवाहे को सम्मानित करने का आश्वासन भी दिया. चरवाहे के इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है.

दरअसल शहपुरा विधानसभा के साढ़े चार हजार की आबादी वाले गांव में लंबे समय से पानी की विकराल समस्या है. लिहाजा प्रशासन ने जल जीवन मिशन योजना के तहत गांव में नलजल योजना स्वीकृत की थी, लेकिन जमीन न मिल पाने के कारण करीब चार महीने से पानी की टंकी का निर्माण रुका हुआ था. तब गांव के बुजुर्ग चरवाहे ठेंकु बनवासी आगे आये और उन्होंने अपनी बाड़ी की जमीन को पानी की टंकी बनाने के लिए दान कर दिया, ताकि गांव के लोगों को पानी जैसी मूलभूत समस्या से निजात मिल सके.

लोगों को पानी मिलेगा यही सबसे बड़ी खुशी- ठेंकु
इस बारे में ठेंकु बनवासी का कहना है कि उनके जमीन दान करने से गांव के लोगों को आसानी से पानी मिल सकेगा, जिससे उन्हें बेहद खुशी होगी. ठेंकु के इस जज्बे की न सिर्फ ग्रामीण बल्कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार एवं स्थानीय विधायक भी जमकर तारीफ कर रहे हैं. ग्रामीण बताते हैं की गर्मी के दिनों में गांव में भीषण जलसंकट के हालात बन जाते हैं और तब उन्हें नदी व झिरिया का दूषित पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ती थी, लेकिन पानी की टंकी बन जाने के बाद नल जल योजना के तहत घर घर पानी मिलने लगेगा.

तीन गांवों की बुझेगी प्यास
ग्रामीण व ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि ठेंकु को सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मानित करने की बात भी कर रहे हैं. चरवाहे के इस दरियादिली की सोशल मीडिया में भी जमकर तारीफ हो रही है. गौरतलब है की जल जीवन मिशन योजना के तहत 4 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से तीन गांवों बरगांव, करौंदी व अमठेरा में पानी टंकी, पाइप लाइन और फिल्टर प्लांट का काम चार महीने पहले स्वीकृत हुआ था. लेकिन. जमीन न मिल पाने की वजह से यहां काम शुरू नहीं हो सका था.

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