छत्तीसगढी म पढ़व: ममा दाई के मया
देवर-देरानी, ननंद सब ल एक नजर ले देखत हे. ओखर मया सब बर छलकत रहिथे. दूसर बहू बेलासपुरहिन आय. ओखर नाव हे बिजली. जइसे नाव वइसने वोहा चमक-चाँदनी हे. चमकत-दमकत रहिथे. ओखर ददा मंगलू बपुरा सीधा हे. बेटी के ठसका हे. ना लिपे के, ना पोते के, ना…